इश्क़

इश्क़

बस यही काम, अब
सुबह, शाम करूंगा
मै इश्क़ तुझसे
तमाम करूंगा,

मशरूफ हो जाऊंगा
तुझमें इस कदर, की
तेरी पलकों में दिन, और
जुल्फो में शाम करूंगा।

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